लखनऊ। – उत्तर प्रदेश रोडवेज यात्रियों को बेहतर, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। डीजल बसों की जगह चरणबद्ध तरीके से एसी इलेक्ट्रिक बसों को रोडवेज के बेड़े में शामिल करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसी क्रम में लखनऊ से विभिन्न प्रमुख शहरों के लिए 20 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, पहले चरण में इन बसों का संचालन लखनऊ से बनारस, प्रयागराज और बहराइच के बीच किया जाएगा। मुख्यालय स्तर पर प्रदेश के लिए करीब 250 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
लखनऊ से 20 ई-बसों का प्रस्ताव
राजधानी लखनऊ से यात्रियों की सुविधा को देखते हुए 20 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें संचालित किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन बसों को पहले चरण में लखनऊ से बनारस, प्रयागराज और बहराइच जैसे प्रमुख मार्गों पर चलाने की योजना है।
इन बसों के संचालन से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
एक चार्ज में 300 से 350 किलोमीटर तक सफर
प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बसों की खासियत उनकी लंबी ड्राइविंग रेंज होगी। जानकारी के मुताबिक, एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद बसें करीब 300 से 350 किलोमीटर तक चल सकेंगी।
इससे लंबी दूरी के प्रमुख मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन संभव होगा और बार-बार चार्जिंग की आवश्यकता कम होगी।
करीब तीन महीने में शुरू हो सकता है संचालन
नई एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनके करीब तीन माह में सड़क पर उतरने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक संचालन की तारीख खरीद, बसों की उपलब्धता, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य तैयारियों पर निर्भर करेगी।
प्रस्तावित किराया भी तय
लखनऊ से प्रस्तावित विभिन्न मार्गों के लिए किराया भी सामने आया है। प्रस्तावित किराए के अनुसार—
– लखनऊ–प्रयागराज: ₹336
– लखनऊ–बनारस: ₹475
– लखनऊ–बहराइच: ₹210
ये किराए प्रस्तावित हैं और अंतिम संचालन व्यवस्था के दौरान इनमें बदलाव संभव हो सकता है।
250 ई-बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू
उत्तर प्रदेश रोडवेज के मुख्यालय स्तर पर लगभग 250 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। योजना के तहत रोडवेज के डीजल बस बेड़े को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक बसों से बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते इस्तेमाल से सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक बनाने के साथ-साथ ईंधन की खपत और प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों को मिलेगा बेहतर सफर
एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को लंबी दूरी के सफर में अधिक आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन बसों से यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी रोडवेज को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ से बनारस, प्रयागराज और बहराइच जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर ई-बसों की शुरुआत राजधानी से इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन के विस्तार की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
फिलहाल 20 एसी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का प्रस्ताव है और करीब तीन माह में इनके संचालन की संभावना जताई जा रही है। वहीं, प्रदेश स्तर पर 250 ई-बसों की खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ आने वाले समय में रोडवेज के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या और बढ़ सकती है।







